Posted on 19-Sep-2026 06:16 PM

ऐतिहासिकता
आचार्य कुन्दकुन्द स्वामी की यह तपोभूमि है, यहीं से वे विदेह क्षेत्र को गये थे। पहाड़ी पर आचार्यश्री की प्राचीन सातिशय चरण पादुकाएँ हैं। उनकी स्मृति में प्रति रविवार को पहाड़ पर यात्रा होती है। निर्धन छात्रों के लिये आवासीय स्कूल है। यहाँ की जलवायु स्वास्थ्यवर्द्धक है।
तिरूमलयनेमिनाथ पहाड़ी मन्दिर - 50 कि.मी., करन्डाई -50 कि.मी., चित्तमूर पार्श्वनाथ मंदिर-50 कि.मी.,कांचीपुरम-50 कि.मी., मेलसीतामुर-50 कि.मी.
अन्य जानकारी
आचार्य कुन्दकुन्द जैन संस्कृति सेन्टर, पौन्नूरमलै अतिशय क्षेत्र ग्रा.-कुन्दकुन्दनगर
तह.-वन्दावासी, पो.-वडावणक्कमवाड़ी जिला-तिरूवन्नमलै (तमिलनाडु) पिन - 604 505
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 08, तपोनिलयम में - 10, कमरे (बिना बाथरूम) - 06 हाल - 1 (यात्री क्षमता -25), गेस्ट हाऊस - 2
रेल्वे स्टेशन - तिरूवन्नमलै - 60 कि.मी., चेन्नई - 125 कि.मी., कांजीपुरम-50 कि.मी.
बस स्टेण्ड - वन्दावासी-10 कि.मी., चितपेट-15 कि.मी. बस क्र 15बी, 148, 208,422, 130, 104
पहुँचने का सरलतम मार्ग - सड़क मार्ग - बस, कार, जीप द्वारा, यहाँ का बस स्टेण्ड पौन्नूर आई.टी.आई. या वन्दावासी होकर तिरुवल्लुवुर इंजीनियर कॉलेज से प्रसिद्ध है।
निकटतम प्रमुख नगर - वन्दावासी - 8 कि.मी., चेन्नई - 125 कि.मी., तिरूवन्नमलय - 60 कि.मी.