Posted on 19-Sep-2026 06:12 PM

ऐतिहासिकता
खुदाई में महावीर स्वामी की सबसे बड़ी प्रतिमा प्राप्त। 26.8.1997 को जैन तीर्थंकरों की प्राचीन अष्ट धातु की दुर्लभ मूर्तियाँ खुदाई में मिली हैं, जो कि 600-700 वर्ष प्राचीन हैं। भगवान पार्श्वनाथ की 4 प्रतिमाएँ, मल्लिनाथ, मुनिसुव्रतनाथ, अभिनंदननाथ,अनंतनाथ, आदिनाथ भगवान की 1 - 1 प्रतिमा, 2 चरण, 2 यंत्र इत्यादि खुदाई में प्राप्त हुये हैं। मूर्तियाँ प्रतिष्ठित हो चुकी हैं। प्रतिदिन काफी संख्या में लोग दर्शनार्थ आते हैं।
तिजारा-55 कि.मी., रानीला-100 कि.मी.,शिकोहपुर - 8 कि.मी. हाँसी।
अन्य जानकारी
श्री 1008 महावीर स्वामी दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, कासनगांव ग्राम-कासन, मानेसर, दिल्ली-जयपुर हाईवे, जिला-गुड़गांव (हरियाणा)
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) -08, कमरे (बिना बाथरूम) -x हाल - 1, गेस्ट हाऊस - X
रेल्वे स्टेशन - दिल्ली -50 कि.मी., गुडगाँव -20 कि.मी.
पहुँचने का सरलतम मार्ग - सड़क मार्ग - दिल्ली - जयपुर हाईवे
मंत्री - श्री शैलेष जैन, गुड़गाँव (09810194356), श्री नरेशचन्द जैन, दिल्ली (098111 40154)
क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या - 2(1 पहाड़ी और 1 तलहटी पर)
क्षेत्र पर पहाड़ - है (अरावली पर्वत श्रृंखला) वाहन पहाड़ी पर जाते है और पक्की सड़क है।