श्री दि. जैन सिद्धक्षेत्र, अष्टापद बद्रीनाथ, चमोली (उत्तराखंड)


Posted on 19-Sep-2026 06:16 PM


ऐतिहासिकता

यह भगवान ऋषभदेव की साधना स्थली है। उन्होंने कैलाश पर्वत पर योग निरोध किया तथा कैलाश मार्ग से मोक्ष गमन किया था। प्राप्त प्रमाणों के आधार पर बद्रीनाथ में स्थापित भगवान ऋषभदेव के चरण अत्यन्त प्राचीन हैं, भारतीय सीमा का अंतिम गाँव ‘माना’ यहाँ से 3 कि.मी. पर है। कैलाश पर्वत इससे आगे है। निर्वाणभूमि के प्रतीक स्वरूप इस तीर्थ पर चरण चिन्ह की स्थापना की गई है।


अन्य जानकारी

श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र, अष्टापद बद्रीनाथ (बांगड़ धर्मशाला के पीछे), ग्राम - बद्रीनाथ, जिला - चमोली (उत्तराखंड) - 246422

Email - mahaveertrust@rediffmail.com - Website - www.asthapadtirth.org, www.adinathnirvan.org

आवास - कमरे (अटैच बाथरूम)- 15, कमरे (बिना बाथरूम) - X, हाल - 2 (यात्री क्षमता - 75), गेस्ट हाऊस - 1

पहुँचने का सरलतम मार्ग - हरिद्वार, श्रीनगर एवं जोशी मठ से पहाड़ी मार्ग

संस्था - श्री आदिनाथ आध्यात्मिक अहिंसा फाउन्डेशन, इन्दौर

अध्यक्ष - श्री प्रदीपकुमारसिंह कासलीवाल (09893030218)

प्रबन्धक - श्री जिनेन्द्र कुमार जैन (कचरू भाई) (07599173864)

क्षेत्र पर पहाड़ - क्षेत्र पहाड़ पर ही है। वाहन/बसें जाती है।

तीर्थ क्षेत्र : सिद्ध क्षेत्र
पता : श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र, अष्टापद बद्रीनाथ (बांगड़ धर्मशाला के पीछे), बद्रीनाथ, चमोली, उत्तराखंड, 246422

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