Posted on 19-Sep-2026 06:15 PM

ऐतिहासिकता
यहाँ मूलनायक प्रतिमा भगवान चन्द्रप्रभु की है। उनके बायें अजितनाथजी की एवं दायें मुनिसुव्रतनाथजी की प्रतिमाएँ हैं। प्रतिमाएँ 1500 वर्ष प्राचीन, कलापूर्ण व मनमोहक हैं।
विशेष जानकारी : यहाँ अतिशय करने वाले पाचोही क्षेत्रपाल (पंचमुखी) विराजमान हैं । प्रत्येक अमावस की रात्रि में मन्दिर में से जोर-जोर से आवाजें आती हैं व दिव्य प्रकाश फैलता है। सभी यात्रियों ने इसकी अनुभूति की है। प्रत्येक अमावस्या को महामस्तकाभिषेक होता है। पौष वदी 11 को वार्षिक यात्रा महोत्सव मनाते हैं।
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - श्री मांगीतुंगीजी - 125 कि.मी., बड़वानी - 155 कि.मी., महुवा - 200 कि.मी., पावागिरि-ऊन - 140 कि.मी., कचनेर -225 कि.मी., पैठण -240 कि.मी.
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अन्य जानकारी
श्री 1008 चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, मांडल तहसील - अमलनेर, जिला - जलगांव (महाराष्ट्र) पिन - 425 401
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - X कमरे (बिना बाथरूम) - 3 हाल -1, (यात्री क्षमता - 10०), गेस्ट हाऊस - X
बस स्टेण्ड - अमलनेर-20 कि.मी., धूलिया-30 कि.मी., शिरपुर-40 कि.मी.
पहुँचने का सरलतम मार्ग - धूलिया से व्हाया सोनगिर - मांडल एवं जलगाँव - अमलनेर - मांडल, शिरपुर - नवल नगर व्हाया मांडल होते हुए। निकटतम प्रमुख नगर अमलनेर - 20 कि.मी., धूलिया - 30 कि.मी.
संस्था - श्री चन्द्रप्रभु दि. जैन अतिशय क्षेत्र पंच कमेटी, मांडल