श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र धरणगाँव, जलगांव (महाराष्ट्र)


Posted on 19-Sep-2026 06:14 PM


ऐतिहासिकता

यहां अरुणावती (एरंडोल) से 1874 ई. में भोयरे से प्राप्त करीबन 1500 वर्ष प्राचीन भगवान पार्श्वनाथ की बालुका पाषाण की मनोज अतिशययुक्त प्रतिमा विराजमान है। मनोकामना पूर्ण होती है। मंदिर में तीर्थंकर तथा अरिहंतों की छोटी-बड़ी 175 मूर्तियाँ विराजमान हैं। जिनमें भव्य सहस्त्रकूट एवं पंचमेरु भी है। आचार्य 108 श्री आर्यनंदीजी महाराज द्वारा ‘अतिशय क्षेत्र घोषित किया गया। मंदिर में अनेक पुरातन पाण्डुलिपियों का संग्रह सुरक्षित है। मंदिर के निकट पं. मोहनलाल गाँधी का संग्रहालय भी है।

वार्षिक मेला : रथोत्सव तथा जल यात्रा वार्षिक महोत्सव, दशलक्षण पर्व उपरान्त भाद्रपद वदीपंचमीसमीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - श्री चंद्रप्रभ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र मांडल, तहसील अमलनेर, जिला जलगाँव

आपका सहयोग : जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस क्षेत्र के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस क्षेत्र पर गए है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें|


अन्य जानकारी

श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र धरणगाँव भगवान महावीर मार्ग, तहसील-धरणगाँव, जिला जलगांव (महाराष्ट्र)-425105

रेल्वे स्टेशन - भुसावल-सूरत तथा नागपूर-अहमदाबाद लाईन पर स्थित

बस स्टेण्ड - जलगाँव से 30 कि.मी. चोपड़ा एवं अमलनेर मार्ग पर स्थित

पहुँचने का सरलतम मार्ग - बस सेवा उपलब्ध राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-6 एरडोल से 12 कि.मी.

निकटतम प्रमुख नगर - जलगाँव 30 कि.मी., अमलनेर 23 कि.मी.

संस्था - श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट धरणगाँव ।

तीर्थ क्षेत्र : अतिशय क्षेत्र
पता : श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र धरण, 425105 रेल्वे स्टेशन - भुसावल-सूरत तथा नागपूर-अहमदाबाद लाईन पर स्थित बस स्टेण्ड - जलगाँव से 30 कि.मी. चोपड़ा एवं अमलनेर मार्ग पर स्थित पहुँचने का सरलतम मार्ग - बस सेवा उपलब्ध राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-6 एरडोल से 12 कि.मी. निकटतम प्रमुख नगर - जलगाँव 30 कि.मी., अमलनेर 23 कि.मी. संस्था - श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट धरणगाँव । ऐतिहासिकता : यहां अरुणावती (एरंडोल) से 1874 ई. में भोयरे से प्राप्त करीबन 1500 वर्ष प्राचीन भगवान पार्श्वनाथ की बालुका पाषाण की मनोज अतिशययुक्त प्रतिमा विराजमान है। मनोकामना पूर्ण होती है। मंदिर में तीर्थंकर तथा अरिहंतों की छोटी-बड़ी 175 मूर्तियाँ विराजमान हैं। जिनमें भव्य सहस्त्रकूट एवं पंचमेरु भी है। आचार्य 108 श्री आर्यनंदीजी महाराज द्वारा ‘अतिशय क्षेत्र घोषित किया गया। मंदिर में अनेक पुरातन पाण्डुलिपियों का संग्रह सुरक्षित है। मंदिर के निकट पं. मोहनलाल गाँधी का संग्रहालय भी है। वार्षिक मेला : रथोत्सव तथा जल यात्रा वार्षिक महोत्सव, दशलक्षण पर्व उपरान्त भाद्रपद वदीपंचमीसमीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - श्री चंद्रप्रभ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र मांडल, यदि आपके पास इस क्षेत्र के स म्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस, भगवान महावीर मार्ग, जलगांव, महाराष्ट्र, 425105

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