Posted on 19-Sep-2026 06:14 PM

ऐतिहासिकता
इस क्षेत्र पर तीन प्राचीन मन्दिर हैं। एकनूतन मन्दिर है। गांव के मध्य में जो मन्दिर है उसमें श्री 1008 अंतरिक्ष पार्श्वनाथ की दिगम्बर जैन प्राचीन प्रतिमा जमीन से ऊपर (अंतरिक्ष) में विराजमान है। इसी में 16 अन्य वेदियाँ हैं। दो हेमाडपंथी मन्दिर काले पत्थर से निर्मित बगीचे में स्थित हैं। यहाँ के कुएँ के जल से स्नान करने पर कुष्ट रोग, चर्म रोग, शरीर के विकार नष्ट हो जाते हैं। यहाँ की पुरानी ईंट (पत्थर) पानी में तैरती हैं। इस मन्दिर के पास में एक नूतन पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर बना है।
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - नवागढ़ अतिशय क्षेत्र-160 कि.मी., नेमगिरि अतिशय क्षेत्र-95 कि.मी., भातकुली जैन सिद्धक्षेत्र-135 कि.मी., मुक्तागिरि सिद्ध क्षेत्र-225 कि.मी. एवं कारंजा (लाड़) गुरूकुल अतिशय क्षेत्र-100 कि.मी.
अन्य जानकारी
श्री अंतरिक्ष पार्श्वनाथ स्वामी दिगम्बर जैन संस्थान, अन्तरिक्ष पार्श्वनाथ मु. पो.-शिरपुर जैन, तहसील-मालेगांव, जिला-वाशिम (महाराष्ट्र) पिन - 444504
टेलीफोन - 07254 - 274006, प्राचीन पवली मन्दिर - 07254 - 274309 धर्मशाला - 07254 - 274408 (रमेश काले - 09970696412)
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 10, कमरे (बिना बाथरूम) - 50 हाल - 3 (यात्री क्षमता - 300), गेस्ट हाऊस - X
रेल्वे स्टेशन - वाशिम - 30 कि.मी., अकोला - 60 कि.मी.
संस्था - श्री अंतरिक्ष पार्श्वनाथ स्वामी दि. जैन संस्थान, शिरपुर जैन
मंत्री - श्री चन्द्रशेखर उकलकर, वाशिम (07252-232219, 094032 87630)
उपाध्यक्ष - श्री सुभाषचन्द्र तुकाराम मनाटकर (07254 - 274038)