Posted on 19-Sep-2026 06:16 PM

ऐतिहासिकता
इस तीर्थक्षेत्र में 1400 वर्ष प्राचीन 15 मान स्तम्भ पहाड़ में जमीन से खुदाई करने पर प्राप्त हुए हैं। श्री पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमाओं पर सर्पो के जोड़े बने हुए हैं। यह प्रमाणित है कि भगवान पार्श्वनाथ का समवशरण आया था, यहाँ धर्मशाला में 96 कमरों का निर्माण कार्य तीव्रगति से चल रहा है। भव्य मंदिर का प्रोजेक्ट भी विचाराधीन है। कहा जाता है कि यहाँ वर्षों से सफेद सर्पो का एक जोड़ा भी निवास करता है, जो कि धरणेन्द्र के रूप में रक्षा करता है।
अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पार्श्वगिरि जूनी नसियां, झालरापाटन, जिला-झालावाड़ (राजस्थान) पिन - 326023
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 5, कमरे (बिना बाथरूम) - X हाल - 3, गेस्ट हाऊस - X 1000 वर्ष प्राचीन शान्तिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर एवं धर्मशाला शहर में
यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 100 फोन : 07432-241124, 077423
रेल्वे स्टेशन - रामगंजमण्डी-30 कि.मी.,भवानी मंडी-45 कि.मी.,कोटा-90कि.मी.
बस स्टेण्ड - झालरापाटन-1कि.मी., झालावाड़ - 1 कि.मी.
पहुँचने का सरलतम मार्ग - इंदौर, उज्जैन, भोपाल से सीधा रोड़ जयपुर-जबलपुर-हाइवे 12 पर
निकटतम प्रमुख नगर - झालावाड़ - 5 कि.मी., कोटा - 90 कि.मी.
संस्था - श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पार्श्वनाथ, जूनी नसियाँ ट्रस्ट