Posted on 19-Sep-2026 06:17 PM

ऐतिहासिकता
इस मंदिर में दिगम्बर, श्वेताम्बर, बंगाली लोग क्षेत्रपालजी की पूजा, अर्चना हेतु आते रहते हैं। प्रतिमा प्राचीन एवं मनोरम है। ऐसी मान्यता है कि तीर्थ यात्री श्री क्षेत्रपालजी, भौमियाँजी, भैरवनाथजी को मनोकामना पूर्ण होने पर पूजने आते हैं। भगवान श्री पार्श्वनाथ की प्रतिमा लगभग 400 वर्ष पुरानी है। 'हुगली - चिन्सूरा शहर आशा परगना के अन्तर्गत है। मंदिर 18 वीं शताब्दी के प्रारंभ में निर्मित हुआ है। यह विख्यात पार्श्वनाथ मंदिर गली में जोगीपाड़ा का जैन मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है एवं अन्य तीर्थंकरों की भी प्रतिमाएँ हैं।
अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन पार्श्वनाथ जैन मन्दिर, चिन्सुरा, जोगीपाड़ा की गली, पो. चिन्सुरा, जि.- हुगली (पश्चिम बंगाल)पिन -712101
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - ४, कमरे (बिना बाथरूम) - 2 हाल - 1 (यात्री क्षमता - 25), गेस्ट हाऊस - निजी
अन्य - 2 कि.मी. की दूरी पर निजी होटल व गेस्ट हाऊस है।
पहुँचने का सरलतम मार्ग - कोलकाता से रेलमार्ग तथा सड़क मार्ग, बस ऑटो, सायकल रिक्शा उपलब्ध
निकटतम प्रमुख नगर - कोलकाता - 40 कि.मी., चिन्सुरा - 3 कि.मी.
संस्था - श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर,9,वैसारव लेन, कोलकाता -700007
मंत्री - श्री रतनलाल जैन सेठी (033-22483914,09830401010)
क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या - 02 (पारसनाथ वेदी तथा क्षेत्रपाल)