Posted on 19-Sep-2026 06:16 PM

ऐतिहासिकता
भगवान मुनिसुव्रतनाथ की सं. 336 में प्रतिष्ठित मूलनायक प्रतिमा यहाँ गर्भ गृह में विराजित है। ग्रंथों, काव्यों के रचयिताओं ने क्षेत्र पर मूलनायक प्रतिमा की अति प्राचीनता का वर्णन किया है। आक्रान्ता द्वारा मूर्ति भंजन के प्रयास मूलनायक के अतिशय से विफल हुए, ऐसी किंवदन्ती है। यह 12 मीटर लम्बा जिनालय चम्बल नदी के तट पर बना हुआ है।
विशेष जानकारी : आचार्य नेमिचन्द्र (सिद्धान्तदेव) ने आश्रम पट्टन के नाम से प्रसिद्ध इस स्थान पर वृहद् द्रव्यसंग्रह ग्रंथ की रचना की थी। समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - चाँदखेड़ी - 110 कि.मी., बिजौलिया पार्श्वनाथ -95 कि.मी., चंवलेश्वर पार्श्वनाथ - 150 कि.मी., चमत्कारजी - 110 कि.मी.
अन्य जानकारी
श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, केशवराय पाटन ग्राम एवं तहसील - केशोराय पाटन, जिला - बून्दी (राजस्थान)
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम)- 2, कमरे (बिना बाथरूम)-15, हाल - 3 (यात्री क्षमता - 100), गेस्ट हाऊस - शासकीय
पहुँचने का सरलतम मार्ग - कोटा या बून्दी से बस अथवा ट्रेन द्वारा
निकटतम प्रमुख नगर - कोटा - 20 कि.मी., रंगपुर - 1 कि.मी., बून्दी - 45 कि.मी.
संस्था - श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दि. जैन अतिशय क्षेत्र, केशवराय पाटन
अध्यक्ष - श्री राजेन्द्र कुमार मारवाड़ा (07437 - 257249)
मंत्री - श्री महावीरप्रसाद लुहाड़िया, केशोराय पाटन (07438 - 264632)