Posted on 19-Sep-2026 06:17 PM

ऐतिहासिकता
यह 9 वीं से 12 वीं शताब्दी तक की वास्तुकला का जीता जागता दर्शन है। इस क्षेत्र में पाषाण कला के अवशेष एवं क्षेत्र की भूमि में अनेक धातुओं के भंडार हैं। वार्षिक जानकारी : क्षेत्र देवगढ़ अहारजी आदि के समकालीन है तथा उसी कला की खड्गासन शान्तिनाथ भगवान की प्रतिमाएँ हैं।
अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन अतिशयकारी सिद्ध क्षेत्र शान्तिगिरि, मदनपुर, ग्राम-मदनपुर, पोस्ट-डिडोनिया, तहसील-मंडावरा, जिला-ललितपुर (उ.प्र.)-284404
आवास - कमरे (बिना बाथरूम) - 2 कमरे (अटेच बाथरूम) - 10, गेस्ट हाऊस - 1(शासकीय)
पहुँचने का सरलतम मार्ग - ललितपुर रेल्वे स्टेशन से महरौनी, मडावरा, मदनपुर। सागर, झांसी, ललितपुर से नियमित बस सेवा उपलब्ध।
निकटतम प्रमुख नगर - सागर - 55 कि.मी., ललितपुर - 65 कि.मी.
संस्था - श्री दि. जैन अतिशय क्षेत्र शान्तिगिरि मदनपुर प्रबन्धकारिणी कमेटी
संस्थापक एवं ट्रस्ट महामंत्री - पं. विमलकुमार जैन, सरया, प्रतिष्ठाचार्य, टीकमगढ़ दूरभाष 07683 - 242592, 094256 66708
क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या - 9 (8 पहाड़ पर - 1 गाँव में)
क्षेत्र पर पहाड़ - है - पहाड़ पर 0.5 कि.मी. की चढ़ाई है, सीढ़ियाँ नहीं है।