Posted on 19-Sep-2026 06:17 PM

ऐतिहासिकता
वहलना का प्राचीन नाम 'बेहरानगर' था। लगभग 200 वर्ष पूर्व बेहरा नगर एक बड़ा नगर था जहाँ 300 जैन परिवार रहते थे एवं भगवान पार्श्वनाथ का भव्य जिनालय था। मूर्ति श्वेत पाषाण की नौ फणवाली भगवान पाश्र्वनाथ की अति सुन्दर एवं अतिशययुक्त है। उपाध्याय 108 श्री नयनसागरजी मुनिराज की प्रेरणा से भगवान पाश्र्वनाथ की 31 फुट उँची खड्गासन प्रतिमा स्थापित की गई है।
विशेष जानकारी - क्षेत्र पर 57 फीट ऊँचा मानस्तम्भ, पाण्डुक शिला एवं महावीर बाल वाटिका है। तीन समाधियाँ मुनिराज सुपाश्र्वसागरजी, श्री बोधसागरजी संघस्थ आचार्य श्री धर्मसागरजी (1975), मुनि श्री चारित्रभूषणजी (2002) की हैं। श्री चतुरसेन जैन मेमोरियल प्राकृतिक 20 बेड चिकित्सालय, योग एवं शोध संस्थान, पाश्र्व नौका विहार, अश्व वन, तीर्थंकर केवली वृक्ष वाटिका, ध्यान केन्द्र, हरियाली फव्वारें आदि सुन्दर रमणीय स्थान है।
अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, वहलना, ग्राम - वहलना, जिला - मुजफ्फरनगर (उत्तरप्रदेश) पिन - 251 002
टेलीफोन - 09682057777 , email - jainmandirvehina@gmail.com
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 21, ए.सी.कमरे - 10, वातानुकूलित कमरे - 17 कमरे कूलर सहित - 18 हाल - 1 (यात्री क्षमता - 60), गेस्ट हाऊस -1
पहुँचने का सरलतम मार्ग - मुख्य हाईवे से 1.5 कि.मी. मारूति वैन उपलब्ध। दिल्ली - देहरादून हाइवे क्र. 58 से 1.5 कि.मी. की दूरी पर
निकटतम प्रमुख नगर - मुजफ्फरनगर-5 कि.मी.,दिल्ली-125 कि.मी.,मेरठ - 50 कि.मी., हरिद्वार-80 कि.मी.
संस्था - श्री दि, जैन अतिशय क्षेत्र, वहलना,(रजि.), प्रबंधकारिणी समिति
महामंत्री - श्री राजकुमार जैन नावला वाले (094122 13198)