Posted on 19-Sep-2026 06:11 PM

ऐतिहासिकता
खेड़ब्रह्मा तहसील से पूर्व दिशा में 6 कि.मी. की दूरी पर 'देरोल' ग्राम है, जो पूर्व में 'देवनगरी' या 'देवपुरी' के नाम से विख्यात रहा है। इसे अब 'देरोल' के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में तीन जिनालय हैं। इनमें से एक श्वेताम्बर बन्धुओं के प्रबन्ध में है। शेष 2 की व्यवस्था दिगम्बर समाज करती है। चौथी शताब्दी की प्राचीन, कलात्मक भगवान श्री 1008 आदिनाथ की अतिशयकारी प्रतिमा मंदिर क्रमांक एक में है एवं दूसरे जिनालय में भगवान श्री 1008 पाश्र्वनाथ की अतिशयकारी मनोकामनापूर्ण करने वाली चमत्कारी प्रतिमा है। इन दोनों मन्दिरों में सभी प्रतिमायें दिगम्बर आम्नाय की हैं। मंदिर बावन जिनालय कोठरिया पर संवत् 1115 से 1135 लिखा है। स्थानीय लोग इसे 'लाखेणाना' मंदिर के नाम से जानते हैं।
अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन देवपुरी अतिशय क्षेत्र ट्रस्ट, देरोल-वाघेला ग्राम-देरोल-वाघेला, तह.- खेड्ब्रह्मा, जि.- साबरकांठा (गुजरात)
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 28 कमरे (बिना बाथरूम) - 10 हाल - 1 (यात्री क्षमता - 70), ए.सी.कमरे - 20
रेल्वे स्टेशन - खेड़ब्रह्मा -7 कि.मी., (रेल द्वारा अहमदाबाद से खेड्ब्रह्मा)
पहुँचने का सरलतम मार्ग - खेड़ब्रह्मा-अहमदाबाद, ईडर-हिम्मतनगर मुख्य मार्ग है, बस एवं टेक्सी खेड़ब्रह्मा से उपलब्ध है।
संस्था - श्री दिगम्बर जैन देवपुरी अतिशय क्षेत्र ट्रस्ट, देरोल-वाघेला ।
अध्यक्ष - श्री मेहता नलिनकुमार वाडीलाल (079-25732557 (का.), (नि.) 27493197), (098250 15965)
मंत्री - श्री सुनीलकुमार वाडीलाल मेहता (०98250 68055)
मैनेजर - श्री दीपकभाई रावजी भाई मेसाणीया (098258 83281)