Posted on 19-Sep-2026 06:11 PM

ऐतिहासिकता
पुराने समय में समुद्र तट पर बसी धनाढ्य नगरी थी। प्राकृतिक प्रकोप एवं आतताइयों के आतंक से जैन अन्य स्थानों पर स्थानान्तरित हो गये। मन्दिर जी में चौथे काल की प्रतिमा विराजमान है एवं धातु का पंच सहस्रकूट चैत्यालय है । यह खम्बात की खाड़ी के तट पर है।
श्री शत्रुजय - पालीताणा - 60 कि.मी., गिरनारजी - 210 कि.मी.
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अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन मन्दिर हुम्मड़ डेला, घोघा
पोस्ट - घोघा, जिला - भावनगर (गुजरात) पिन -- 364 110
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - X, कमरे (बिना बाथरूम) - 2 हाल - X, गेस्ट हाउस - X
भोजनशाला - श्वेताम्बर जैन समाज की है । नियमित, सशुल्क
संस्था - श्री घोघा दशा हूमड़ दिगम्बर जैन मन्दिर ट्रस्ट
प्रबन्धक - श्री मुकेश भाई एवं श्री मंदीप भाई शाह (0278 - 2513132)