Posted on 19-Sep-2026 06:12 PM

ऐतिहासिकता
यह मन्दिर छठीं, सातवीं शती ई. का बहुत प्राचीन है। कन्नड़ साहित्यकार एवं कवि ‘पंप' की जन्मस्थली है, जिन्होंने कन्नड़ भाषा, कन्नड़ आचार विचार का महत्व बतलाया है। पुलिगेरी के मुन्नुर में 772 बसदी(मन्दिर) थे, लेकिन अब 2 बसदी (मन्दिर) हैं। अनेक जैन आचार्यों ने यहाँ धर्म प्रचार किया है।
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - ब्रह्म जिनालय लक्कूदी - 50 कि.मी., अनन्तनाग बसदी में अनंतनाथ दि. जैन मन्दिर एवं शांतिनाथ श्वेताम्बर मन्दिर है।
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अन्य जानकारी
श्री 1008 भगवान नेमिनाथ दिगम्बर जैन सहस्रकूट, शंखबसदी पोस्ट - लक्ष्मेश्वर, तहसील - बसदी, जिला - गदग (कर्नाटक) पिन - 582 116
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - X, कमरे (बिना बाथरूम) - X हाल - X,
पहुँचने का सरलतम मार्ग - सड़क मार्ग - हुबली से लक्ष्मेश्वर बस द्वारा पेट्रोल - पम्प पर उतरना। क्षेत्र उसके निकट है।
निकटतम प्रमुख नगर - हुबली - 50 कि.मी. संस्था श्री शंखबसदी ट्रस्ट कमेटी