Posted on 19-Sep-2026 06:17 PM

ऐतिहासिकता
भगवान अरहनाथ की 12वीं सदी की प्राचीन खड्गासन 4 फुट -6 इंच उंचाई की भौंहरे में महिचंद्र पुत्र देल्हण द्वारा स्थापित अतिशयकारी मूर्ति विराजमान है। विशाल संग्रहालय में पुरातत्त्व विभाग में रजिस्टर्ड शताधिक प्राचीन संस्कृति को सुरक्षित किया गया है, जिसमें संवत् 1203 के मानस्तम्भ एवं प्रतिमाएं भी है। बहुत सी प्राचीन प्रतिमायें एवं अनेक कलात्मक सामग्री उपलब्ध है।
वार्षिक मेला - प्रति वर्ष चैत्रकृष्ण अमावस्या भगवान अरहनाथ के मोक्ष कल्याणक को 3 दिन का मेला लगता है।
अन्य जानकारी
श्री दि. जैन अतिशय क्षेत्र, नवागढ़, ग्राम - नावई, पो. सोजना, तहसील - महरौनी, जिला-ललितपुर (उ.प्र.)-284405
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 6, कमरे (बिना बाथरूम) - 13 हाल - 1 (यात्री क्षमता-50)
रेल्वे स्टेशन - झांसी 130 कि.मी., ललितपुर 60 कि.मी.,टीकमगढ़ से व्हाया डूडा 30 कि.मी.,
पहुँचने का सरलतम मार्ग - ललितपुर, व्हाया, महरौनी, सोजना होकर नवागढ़। झांसी से टीकमगढ़ अजनौर डूंडा होकर नवागढ़। टीकमगढ़, से वाहन सेवा उपलब्ध
निकटतम प्रमुख नगर - ललितपुर (उ.प्र.)-60 कि.मी., टीकमगढ़ (म.प्र.)-30 कि.मी.
मंत्री - श्री सनत कुमार जैन, अधिवक्ता (094500 32409)
क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या - 03, वेदी संख्या 5, मानस्तंभ 1, चरण - 26