Posted on 19-Sep-2026 06:14 PM

ऐतिहासिकता
यहाँ के मन्दिर सैकड़ों वर्ष प्राचीन एवं भव्य हैं। सभी मन्दिरों का जीर्णोद्धार होना है। चन्द्रप्रभु भगवान की मूर्तियों के कारण चन्द्रोदय धाम नाम पड़ा। यह जिनधाम गौरेया नदी से थोड़ी दूरी पर है । तीर्थंकर उद्यान में 24 दीक्षा तपोवृक्ष, 24 बोधिज्ञान जिनवृक्ष लगाये जा रहे हैं। यहाँ ऊँकार, ह्रींकार, श्रकार की स्थापना हो रही है जिसमें पंचपरमेष्ठी, 24 तीर्थंकरों (नवग्रहों के अनुसार) की मूर्तियाँ विराजमान होंगी।
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - कोनीजी - 40 कि.मी. मढियाजी -75 कि.मी., आदीश्वरगिरि, नोहटा -21 कि.मी., कुण्डलपुर -70 कि.मी., अतिशय क्षेत्र-पटनाजी रहली, जिला-सागर-65 कि.मी. (पश्चिम) दिगम्बर जैन तीर्थ निर्देशिका
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अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन चन्द्रोदय कलातिशय तीर्थक्षेत्र, तेजगढ़ पोस्ट-तेजगढ़, तहसील-तेन्दूखेड़ा, जिला-दमोह (मध्यप्रदेश)पिन-470 880
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 0, कमरे (बिना बाथरूम) - 2 हाल - X गेस्ट हाऊस - 1 यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 20.
रेल्वे स्टेशन दमोह - 35 कि.मी. बस स्टेण्ड तेजगढ़ - 1 कि.मी., दमोह - 35 कि.मी. पहुँचने का दमोह - जबलपुर - पाटन मार्ग कोनीजी होते हुए। सरलतम मार्ग दमोह से तेजगढ़ - उत्तम मार्ग ।
निकटतम प्रमुख नगर - दमोह - 35 कि.मी., जबलपुर - 75 कि.मी.
संस्था - श्री दिगम्बर जैन चन्द्रोदय विकास समिति, तेजगढ़