Posted on 19-Sep-2026 06:17 PM

ऐतिहासिकता
कुछ लोग ऐतिहासिक तथ्यों एवं भौगोलिक प्रामाणिकता के आधार पर भगवान महावीर का निर्वाण स्थल साठियांवाडीह (पावानगर) जि. कुशीनगर बतलाते हैं। महात्मा बुद्ध ने अपना अन्तिम आहार पावानगर में ही ग्रहण किया। चतुर्थ काल की मुद्राएँ उपलब्ध हैं। विद्वानों एवं मर्मज्ञों (कनिंधम, कार्लाइल) ने उक्त स्थल को प्रमाण सहित भगवान महावीर निर्वाण भूमि के रूप में मान्यता दी है।
विशेष जानकारी - वर्ष 1994-95 में उत्तरप्रदेश सरकार ने दिगम्बर जैन समाज को पर्यटन स्थल पर जल मन्दिर निर्माण का दायित्व दिया है, जो कि 85 फीट x 85 फीट का षट्कोणीय होगा।
अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन पावानगर सिद्धक्षेत्र (भगवान महावीर निर्वाण भूमि), पावानगर, तहसील - फाज़िलनगर, जिला - कुशीनगर (उत्तरप्रदेश) पिन - 274 401
विद्यालय - श्री भग.महावीर महा विद्या, की स्थापना, निर्वाणोत्सव पर हुई।
रेल्वे स्टेशन - देवरिया - 44 कि.मी., गोरखपुर - 74 कि.मी.
पहुँचने का सरलतम मार्ग - गोरखपुर, देवरिया तथा तमकुही से बस एवं टेक्सी उपलब्ध रहती है।
निकटतम प्रमुख नगर - देवरिया - 44 कि.मी., गोरखपुर - 74 कि.मी.
संस्था - श्री दिगम्बर जैन पावानगर सिद्धक्षेत्र समिति, गोरखपुर
क्षेत्र पर पहाड़ - नहीं - सरकार द्वारा संरक्षित विशाल टीला ।