Posted on 19-Sep-2026 06:17 PM

ऐतिहासिकता
छठे तीर्थंकर भगवान पद्मप्रभु की गर्भ एवं जन्म कल्याणक स्थली। प्राचीन कौशाम्बी के किले के भग्नावशेष सुरम्य यमुना नदी के समीप स्थित हैं।
विशेष जानकारी - मंदिर के आंगन में 21 फीट ऊँचे मानस्तम्भ एवं आधुनिक धर्मशाला के निर्माण की योजना है। प्रयाग विश्वविद्यालय द्वारा खुदाई करने पर बड़ी संख्या में जैन प्रतिमाएँ प्राप्त होने पर सभी प्रतिमाएँ प्रयाग संग्रहालय में रखी है।
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अन्य जानकारी
श्री कौशाम्बीजी दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र, कौशाम्बी, ग्राम-गढ़वा, तहसील - मंझनपुर, जिला - कौशाम्बी (उ.प्र.)-212214
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - X , कमरे (बिना बाथरूम) - 4, हाल - 1, गेस्ट हाऊस - ४
पहुँचने का सरलतम मार्ग - इलाहाबाद से कौशाम्बी के लिये नियमित बस सेवा उपलब्ध है।
संस्था - श्री कौशाम्बीजी दि. जैन तीर्थक्षेत्र प्रबन्धकारिणी कमेटी
प्रबन्धन्यासी - श्री प्रशान्तकुमार जैन, आरा (094314 19369)