Posted on 19-Sep-2026 06:17 PM

ऐतिहासिकता
यहाँ भगवान पार्श्वनाथजी के गर्भ, जन्म एवं तप कल्याणक हुए। वाराणसी का प्राचीन नाम काशी है। यहीं पर स्वामी समंतभद्र ने तपस्या की और 'स्वयंभू स्तोत्र का पाठ कर भीम लिंग से चन्द्रप्रभु की सुन्दर मूर्ति प्रकट की थी। यहीं उन्होंने अपना भस्मक रोग शांत कर पुन: दिगम्बर दीक्षा ली एवं धर्म की प्रभावना की।
सिंहपुरी, चन्द्रपुरी, अनेक जैन मन्दिर, स्याद्वाद महाविद्यालय गंगा तट के घाट, विश्वनाथ मन्दिर,दुर्गा मन्दिर, तुलसी मानस मन्दिर, भारत कला मन्दिर, भारत माता मन्दिर, बिड़ला मन्दिर आदि।
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अन्य जानकारी
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र, भेलूपुर, वाराणसी (उत्तरप्रदेश) पिन - 221010
टेलीफोन - 0542 - 2275892, 094153 43022, 093692 53642
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम)- 72 , कमरे (बिना बाथरूम) - 4 हाल - 7, गेस्ट हाऊस - X
संस्था - श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी, भेलूपुर
अध्यक्ष - श्री चन्द्रभान जैन (0542-2401602,2401608,2392020)
महामंत्री - श्री अरूणकुमार जैन (0542-2420219, 09415343022)