Posted on 19-Sep-2026 06:13 PM

ऐतिहासिकता
इस क्षेत्र से साढ़े तीन करोड़ मुनियों ने निर्वाण प्राप्त किया। यह क्षेत्र बुन्देलखण्ड के तीर्थ क्षेत्रों का केन्द्र है। इसके चारों ओर-25 कि.मी. के अन्तराल में प्राचीन जिन मंदिर एवं तीर्थ क्षेत्र स्थित हैं। आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के आशीर्वाद से पद्मासन 16'/, फीट की आदिनाथ भगवान की प्रतिमा विराजमान है। 5 फुट खड़गासन ‘सफेद चौबीसी' है।वार्षिक मेला - महावीर जयंती पर
अन्य जानकारी
श्री 1008 दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र, फलहोड़ी-बड़ागाँव ग्रा.-फलहोड़ी-बड़ागाँव (धसान), तह. एवं जि.-टीकमगढ़ (म.प्र.) पिन-472010
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - ४ कमरे (बिना बाथरूम) - 8 हाल - 2, (यात्री क्षमता - 100+ 50 ),त्यागी वृत्ति आश्रम - 14
रेल्वे स्टेशन - ललितपुर-75 कि.मी.,दमोह-100 कि.मी.,झांसी-130 कि.मी
पहुँचने का सरलतम मार्ग - टीकमगढ़ से सागर - राज मार्ग (हर आधा घंटा पर बस सेवा उपलब्ध)
निकटतम प्रमुख नगर - टीकमगढ़ - 30 कि.मी., सागर-100 कि.मी., बड़ागाँव - (धसान) 0.5 कि.मी.
संस्था - श्री दिग. जैन सिद्ध क्षेत्र, फलहोड़ी - बड़ागाँव प्र. का. समिति
मंत्री - श्री शाह मुन्नालाल जैन (07683-210823, 9977016880)
क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या : तीन जिनालय, सात वेदी