Posted on 19-Sep-2026 06:12 PM

ऐतिहासिकता
चंदेल वंशी राजाओं के समय जयपाल पर्वत पर बना प्राचीन जिन मन्दिर है, जिसमें 12 फीट ऊँची शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा है। साथ ही अरहनाथ व कुंथुनाथ की भी प्रतिमाएँ हैं एवं सहस्रकूट चैत्यालय भी है। पर्वत पर जैन मूर्तियाँ बिखरी पड़ी हैं। आजकल यह क्षेत्र पुरातत्त्व विभाग के अधिकार में है, जिसके द्वारा पूजन पर रोक लगी हुई है। दो मंदिरों का निर्माण कार्य चल रहा है।
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - खजुराहो-50 कि.मी., द्रोणागिरि, नैनागिरि, श्रेयांसगिरि-100 कि.मी., चित्रकूट - 100 कि.मी., कालिंजर-30 कि.मी.
आपका सहयोग :जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस क्षेत्र के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस क्षेत्र पर गए है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें|
अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, अजयगढ़, पोस्ट/तहसील - अजयगढ़, जिला - पन्ना (मध्यप्रदेश) पिन - 488220
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - X, कमरे (बिना बाथरूम) - X हाल - X, गेस्ट हाऊस - X यात्री ठहराने की कुल क्षमता - X
बसस्टेण्ड पहुँचने का सरलतम मार्ग - अजयगढ़ पन्ना अथवा बाँदा से सड़क मार्ग द्वारा
मंत्री - श्री कोमलचन्द जैन (09179320609) श्री सिंघई महेन्द्रकुमार जैन (07730 - 278498)
प्रबन्धक - सिंघई महेन्द्रकुमार जैन (07730 - 278498)
क्षेत्र पर पहाड़ - है। पहाड़ पर 2 मंदिर एवं तहलटी पर 3 मंदिर हैं, 550 सीढ़ियाँ हैं।