Posted on 19-Sep-2026 06:12 PM

ऐतिहासिकता
मंदिर अतिप्राचीन है। राजा विक्रमादित्य की पत्नि अक्कलादेवीजी के द्वारा विक्रम संवत् आठ में श्री आदिनाथ भगवान की प्रतिष्ठा की गई। इस मूर्ति का जीर्णोद्धार 1282 में आचार्य श्री मदनकीर्तिजी के द्वारा कराया गया। इस मंदिर की अनेक मूर्तियाँ पहली शताब्दी से लेकर उन्नीसवी शताब्दी तक की विराजमान हैं। प्राचीन भित्तिकला राजस्थानी शैली का मानस्तम्भ (पाषाण निर्मित) अतिशयकारी अनेक घटनाएं इस तीर्थ की धरोहर है। अनेक कलापूर्ण प्राचीन जिनबिम्ब दर्शनीय हैं। एवं ऐतिहासिक शिलालेख शोध के विषय हैं। वार्षिक मेले एवं विशेष आयोजन तिथियाँ - वार्षिक महामस्तकाभिषेक एवं विमानोत्सव चैत्र कृष्ण नवमी
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - अतिशय क्षेत्र भोजपुर - 70 कि. मी.
अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र बाड़ी तहसील-बाड़ी, जिला-रायसेन (म.प्र.) पिन - 464665
आवास - कमरे (सामान्य ) - 24, हॉल-2 यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 200
रेल्वे स्टेशन - भोपाल -100 कि.मी., होशंगाबाद - 65 कि.मी.
बस स्टेण्ड - पिपरिया -70 कि.मी., जबलपुर -200 कि.मी.
पहुँचने का सरलतम मार्ग - बाड़ी बस स्टेण्ड से मंदिर स्थल की दूरी 01 कि.मी. ऑटो द्वारा निकटतम प्रमुख नगर बरेली-18 कि.मी., सुल्तानपुर-25 कि.मी., बक्तरा-18 कि.मी.
संस्था - श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र कमेटी बाड़ी
क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या - 01, वेदी संख्या - 09