Posted on 19-Sep-2026 06:13 PM

ऐतिहासिकता
भगवान महावीर की मनोज्ञ अतिशयकारी प्रतिमा स्वप्न देकर भूगर्भ से 24 अक्टूबर 2007 को प्रकट हुई। महावीर भगवान की अंगुली से दूध निकलना, अभिषेक करते वक्त जल दूध में बदल जाना, सफेदनाग-नागिन का मंदिरजी की परिक्रमा अनायास करना, असंख्य श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होना ऐसी अनेक बातें क्षेत्र के अतिशय से जुड़ी हैं। पं. आशाधरजी ने नलकच्छपुर के कागदीपुरा में नेमिनाथ जिनालय में शास्त्रों की रचना की । नेमिनाथ भगवान की 4.5 फूट पद्मासन प्रतिमा मांडव के पुरातत्त्व संग्रहालय में है।
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र : मानतुंग गिरि-धार - 25 कि.मी., आहूजी (धार) - 37 कि.मी., बावनगजा - 110 कि.मी., सिद्धवरकूट - 110 कि.मी., मांडव ऐतिहासिक हिल स्टेशन-15 कि.मी. 83
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अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र छोटा महावीरजी, कागदीपुरा, जिला -धार (मध्यप्रदेश) 454001
टेलीफोन - 07292-223432, 09425967460, 09424800572, 09827248654
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 8, कमरे (बिना अटैच) - 2 हाल -1
निकटतम प्रमुख नगर - बगड़ी दूरी 8 कि.मी., इंदौर 75 कि.मी., धार 22 कि.मी.
अध्यक्ष - श्री विनय छाबड़ा (जैन) (07292-223432, 09425967460)