Posted on 19-Sep-2026 06:13 PM

ऐतिहासिकता
यहाँ कुल 10 मन्दिर हैं जिनका पूर्णतया जीर्णोद्धार किया गया है। गर्भ मन्दिर अतिशय सम्पन्न है। इस मंदिर में सहस्रकूट चैत्यालय भी है। नंदीश्वर जिनालय भी दर्शनीय है। मूलनायक भगवान विघ्नहर चिंतामणी पारसनाथजी की अतिशयपूर्ण प्रतिमा मनोकामना पूर्ण करने वाली विराजित है। 1982 में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के सान्निध्य में म.प्र. में प्रथम त्रिमूर्ति जिनालय का निर्माण हुआ तथा भगवान आदिनाथ, भरत तथा बाहुबली की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा हुई। प्रतिवर्ष पर्युषण समाप्ति के बाद प्रथम रविवार को वार्षिक मेला लगता है। जनवरी में वार्षिक मेला लगता है।
अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, कुण्डलगिरि (कोनीजी) ग्राम-कोनीकला, पोस्ट- पाटन, जिला-जबलपुर(मध्यप्रदेश) पिन - 483113
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - X, (बिना बाथरूम) - 30 हाल - 6 (यात्री क्षमता - 300), गेस्ट हाउस -X
बस स्टेण्ड - पाटन - 6.5 कि.मी. मुख्य सड़क (वासन) 1.5 कि.मी.।
पहुँचने का सरलतम मार्ग - जबलपुर-दमोह व्हाया पाटन मार्ग पर मुख्य सड़क से 1.5 कि.मी. अन्दर क्षेत्र अवस्थित है।
संस्था - श्री दि. जैन अतिशय क्षेत्र कुन्डलगिरि (कोनीजी) जीर्णोद्धार समिति
अध्यक्ष - श्री सिंघई राजेन्द्र कुमार जैन (एम.डी.),जबलपुर (0761 - 2442917, 099072 68917)
मंत्री - श्री विमलकुमार नायक, पाटन (07621 - 220536)
प्रचार मंत्री - श्री अभिनन्दन सांधेलीय, पाटन (07621 - 220488, मो.: 09425863244)