Posted on 19-Sep-2026 06:14 PM

ऐतिहासिकता
यह क्षेत्र 3 कि.मी. के परकोटे में 108 गगनचुम्बी जिनालयों से विविध शैली में निर्मित है । इनका निर्माण 12 वीं शताब्दी से 20 वीं शताब्दी के मध्य हुआ । यहाँ एक भव्य चौबीसी मन्दिरों का समूह चौबीसी के नाम से जाना जाता है, जिसमें चारों दिशाओं में 6-6 जिनालय हैं। प्रवेश द्वार मन्दिर ऐसा प्रतीत होता है मानों रथ में घोड़े जुते हों ओर तेजी से जा रहे हों । बाहुबली मन्दिर भी दर्शनीय है।
वार्षिक मेले : कार्तिक सुदी 13 से 15 तक वार्षिक मेला लगता है। कार्तिक सुदी अमावस्था को महावीर निर्वाण महोत्सव।
अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, पपौराजी मु.-पोस्ट - पपौराजी, तह. एवं जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश)पिन-472001
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 50, कमरे (बिना बाथरूम) - 150 हाल - 6, (यात्री क्षमता - 1000) गेस्ट हाऊस - 1 यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 2000.
अन्य - ऋषभ त्यागी वृती उदासीन आश्रम, सरस्वती सदन, प्रवचन हॉल
रेल्वे स्टेशन - ललितपुर-65 कि.मी., झाँसी-100 कि.मी.,मऊरानीपुर-60 कि.मी.
बस स्टेण्ड - टीकमगढ़-5 कि.मी., दमोह-135 कि.मी., सागर-125 कि.मी.
पहुँचने का सरलतम मार्ग - सड़क मार्ग व्हाया टीकमगढ़ - 5 कि.मी.
संस्था - श्री दिग. जैन अतिशय क्षेत्र पपौराजी प्रबन्धकारिणी समिति