Posted on 19-Sep-2026 06:13 PM

ऐतिहासिकता
इसे भगवान महावीर की समवशरण स्थली माना जाता है। देवों से पुनीत मन्दिर एक है। अनुमान है। कि यह मन्दिर 2500 वर्ष पूर्व प्राचीन हैं। मंदिरजी में तहखाना एवं प्राचीन सुरंगें हैं। प्रतिमाएँ अति प्राचीन हैं। आश्विन बदी दूज को वार्षिक मेला लगता है। मेले के अवसर पर सर्यों का आना मुख्य विशेषता है। अभी तक यहाँ 13 मुनियों की दीक्षा हो चुकी हैं। प्रमुख आचार्यों एवं संघों का आवागमन बना रहता है।
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र : पावई -20 कि.मी., ग्वालियर (गोपाचल) -80 कि.मी. शौरीपुर बटेश्वर - 100 कि.मी., बरही - 40 कि.मी.
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अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र (पुरपट्टन) वरनेर, वरासोंजी ग्राम-वरासोंजी, तहसील-मेहगांव, जिला-भिण्ड (मध्यप्रदेश) पिन-477001
क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ - आवास कमरे (अटैच बाथरूम) - X, कमरे (बिना बाथरूम) - 14 हाल - 2 (यात्री क्षमता - 120), गेस्ट हाऊस - X
पहुँचने का सरलतम मार्ग - ग्वालियर एवं इटावा से भिण्ड आकर प्रायवेट बस / निजी वाहन से क्षेत्र तक पहुँचें।
संस्था - श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र संरक्षिणी कमेटी, वरासों (भिण्ड)
अध्यक्ष - श्री राजेन्द्रकुमार जैन, भिण्ड (089622 56388)
क्षेत्र पर पहाड़ : नहीं, टीले पर 40 फुट की ऊंचाई पर मंदिर स्थित है।