Posted on 19-Sep-2026 06:13 PM

ऐतिहासिकता
राजा भोज के शासनकाल में मानतुंगाचार्य द्वारा धार नगरी में भक्तामर स्तोत्र की रचना, उपसर्ग को दूर करने एवं जैन धर्म की महत्ता निरूपित करने हेतु की गई थी। उनकी स्मृति में आचार्य श्री भरतसागरजी (गुजरात केसरी) महाराज से प्रेरणा पाकर समाज द्वारा मानतुंगगिरि का निर्माण सम्पन्न कराया गया है। क्षेत्र का विकास कार्य जारी है।
अन्य जानकारी
श्री दिगम्बर जैन मानतुंगगिरि तीर्थक्षेत्र, आमखेड़ा जिला - धार (मध्यप्रदेश) पिन - 454001
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 12,(बिना बाथरूम) - 7 हाल -1, गेस्ट हाउस - ४ यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 100.
भोजनशाला - है सशुल्क, अनुरोध पर - संत सदन एवं प्रवचन हॉल
रेल्वे स्टेशन - इन्दौर-67 कि.मी., रतलाम-80 कि.मी., मेघनगर -110 कि.मी.
पहुँचने का सरलतम मार्ग - इन्दौर - अहमदाबाद तिरला रोड़ (आमखेड़ा), धार से बसें उपलबध रहती हैं।
संस्था - श्री दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र, मानतुंगगिरि
प्रबन्धक - श्री बसंत जैन (07292-233400, 09424580671)
क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या : 3-पूर्ण विकसित मार्बलीकरण एवं कांच का कार्य