श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र, बावनगजा (चूलगिरि), बड़वानी (मध्यप्रदेश



ऐतिहासिकता

यह एक सिद्धक्षेत्र है। यहीं से इन्द्रजीत व कुम्भकर्ण आदि साढे पाँच करोड़ मुनि मोक्ष पधारे थे। यहाँ पहाड़ में पाषाण की विश्व प्रसिद्ध सबसे ऊँची भगवान आदिनाथ की लगभग 27 मीटर (84 फीट) प्रतिमा उत्कीर्ण है। 52 हाथ ऊँची (किसी काल में गज का प्रमाण 1 हाथ था) होने के कारण ही इसे बावनगजा क्षेत्र कहते हैं। यह मूर्ति 13 वीं शताब्दी से भी पहले बनी थी। पर्वत के पास में ही मंदोदरी का प्रासाद बना है। प्रत्येक बारह वर्ष में महामस्तकाभिषेक व मेला आयोजित होता है। मूर्तियों पर 1223, 1258, 1380 लेख वाली प्रतिमाएँ है। मंदिर के पीछे की ओर आचार्य कुन्दकुन्द की खड़गासन प्रतिमा है।


अन्य जानकारी

श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र, बावनगजा (चूलगिरि) ग्राम - बावनगजा, तहसील एवं जिला - बड़वानी (मध्यप्रदेश) पिन - 451 551 टेलीफोन - 07290 - 291010, मो.: 81031 91289 (आवास-जितेन्द्र जैन)

आवास - कमरे (अटैच बाथरूम एवं ए.सी.) - 45, कमरे (बिना बाथरूम) - X सुविधाएँ हाल - 4 (यात्री क्षमता - 50), गेस्ट हाऊस - 6

यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 400.भोजनशाला - सशुल्क, नियमित

रेल्वे स्टेशन - इन्दौर - 160 कि.मी., महू - 138 कि.मी., खण्डवा - 180 कि.मी., दाहोद - 170 कि.मी.

पहुँचने का सरलतम मार्ग - इन्दौर, खंडवा, दाहोद, बड़ौदा से बड़वानी के लिये बस सुविधा है। बड़वानी से बावनगजा नियमित बस सेवा है। निकटतम प्रमुख नगर - बड़वानी - 8 कि.मी.

संस्था - श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र चूलगिरि ट्रस्ट बावनगजा

प्रबन्धक - श्री इन्द्रजीत मंडलोई, (094250-90384, 09977771022)

क्षेत्र पर पहाड़ : है- कुल 800 सीढ़ियाँ, डोली की व्यवस्था है।

तीर्थ क्षेत्र : सिद्ध क्षेत्र
पता : श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र, बावनगजा (चूलगिरि), (मध्यप्रदेश), बावनगजा, बड़वानी, मध्य प्रदेश, 451551

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