Posted on 19-Sep-2026 06:13 PM

ऐतिहासिकता
उज्जयिनी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि अत्यन्त प्राचीन एवं पौराणिक है। यह भगवान महावीर की तपोभूमि एवं मुनि अभयघोष की निर्वाण भूमि है। इस तीर्थ के प्रेरणास्त्रोत मुनि श्री प्रज्ञासागरजी महाराज है, जो आचार्य श्री पुष्पदंत सागरजी महाराज के सशिष्य है। यहाँ विश्व के सबसे विशाल भगवान ऋषभदेव के (7x7) फुट के चरण चिन्ह, विश्व की प्रथम रत्नों की चौबीसी (11), कालसर्प योग निवारण हेतु श्री नेमिनाथ-पार्श्वनाथ मंदिर, पाषाण युक्त श्री कलिकुंड पार्श्वनाथ यंत्र एवं धर्मशाला, भोजनशाला, आहार कक्ष, हरीतिमा से युक्त महावीर उद्यान तीर्थ की शोभा रूप विद्यमान हैं।
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - मक्सी पार्श्वनाथ - 40 कि.मी., पुष्पगिरि - 65 कि.मी., जयसिंहपुरा -5 कि.मी. गोम्मटगिरि-इन्दौर -60 कि.मी., बनेड़ियाजी - 45 कि.मी. 103
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अन्य जानकारी
अतिशय/सिद्ध क्षेत्र महावीर तपोभूमि-उज्जैन मध्यप्रदेश
श्री महावीर तपोभूमि इन्दौर रोड़, उज्जैन, जिला - उज्जैन (म.प्र.) पिन - 456001
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 8, कमरे (बिना बाथरूम) - 4 हाल - 2 (यात्री क्षमता-50) गेस्ट हाऊस - x यात्री ठहरने की कुल क्षमता - 250
पहुँचने का सरलतम मार्ग - सड़क मार्ग उज्जैन इन्दौर हाईवे पर
निकटतम प्रमुख नगर - उज्जैन-8 कि.मी., सांवेर-15 कि.मी., इन्दौर - 45 कि.मी.