Posted on 19-Sep-2026 06:14 PM

ऐतिहासिकता
आचार्य तारण तरण मंडलाचार्य महराज 16 वीं शताब्दी के महान क्रांतिकारी संत थे। कहा जाता है कि इनका जीव 3919 जीवात्माओं सहित भगवान महावीर के समवशरण में था। फलतः इन्होंने अपने सम्पूर्ण ग्रन्थों मेंभगवान महावीर की वाणी को ही प्रतिपादित किया है। यह क्षेत्र दीक्षास्थली के रूप में जाना जाता है।
अन्य जानकारी
अतिशय क्षेत्र/दीक्षास्थली सेमरखेड़ी (निसईजी) मध्यप्रदेश
श्री तारण तरण दि. जैन, अतिशय तीर्थक्षेत्र, निसईंजी पोस्ट/ग्राम-सेमरखेड़ी, तह.-सिरोंज,जिला-विदिशा (मध्यप्रदेश) पिन-464228
आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 30, कमरे (बिना बाथरूम) - 150 हाल -7, (यात्री क्षमता - 200+300+500) गेस्ट हाऊस - 5
पहुँचने का सरलतम मार्ग - सिरोंज से सेमरखेड़ी बस द्वारा
निकटतम प्रमुख नगर - भोपाल - 115 कि.मी., बीना - 60 कि.मी.
संस्था - श्री तारण तरण दि.जैन अतिशय तीर्थक्षेत्र, निसईंजी सेमरखेड़ी ट्रस्ट
प्रबन्धक - श्री प्रेमचन्द जैन (08989944956, 07747952484)
क्षेत्र पर पहाड़ : है (साधारण चढ़ाई एवं गुफाएं हैं)